तालाब की खूबसूरती को निहारते रह गये राजस्थानी अधिकारी

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छत्तीसगढ़ के दो दिनों के अध्ययन प्रवास पर आए राजस्थान के अधिकारियों ने बुधवार को राजधानी रायपुर के नजदीक आदर्श ग्राम फरफौद का दौरा कर विकास कार्यों का अवलोकन किया। वे गांव में 36 एकड़ में फैले तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य को देख काफी प्रभावित हुए। तालाब की सुंदरता को देखकर प्रतिनिधि मंडल के अधिकारियों ने कहा कि यह बेहद मनोरम है। इस तरह का मनमोहक वातावरण शहरों में भी देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि वर्तमान में तालाबों की संख्या दिन-ब-दिन कम होती जा रही है। ऐसे में गांव के लोगों द्वारा तालाब को सहेजने का कार्य वाकई प्रशंसनीय है। प्रतिनिधि मंडल में शामिल अधिकारी तालाब की विशाल जलराशि को काफी देर तक निहारते रहे।
रायपुर कलेक्टर ओ.पी. चौधरी ने राजस्थान के चार अधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल को फरफौद का दौरा कराया। राजस्थान से आए अधिकारियों की टीम में वहां के मुख्यमंत्री के सचिव तन्मय कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं योजना विभाग के सचिव अखिल अरोरा, पंचायतीराज विभाग के सचिव-सह-आयुक्त आनंद कुमार और इंदिरा गांधी पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास संस्थान, जयपुर के सह-प्राध्यापक प्रवीण सिंह कछवाहा शामिल थे। प्रतिनिधि मंडल ने गांव में वृक्षारोपण भी किया।
प्रतिनिधि मंडल के अधिकारियों को फरफौद के सरपंच हिम्मत चन्द्राकर ने गांव में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी और उन्हें गांव का भ्रमण कराया। टीम ने ग्रामीणों और महिला समिति के सदस्यों से चर्चा कर गांव के विकास के बारे में जानकारी ली और वहां के स्कूल को भी देखा। गांववालों ने अधिकारियों को बताया कि यहां हायर सेकंडरी स्कूल तक की कक्षाएं संचालित होने से बहुत लाभ मिला है। गांव के 25 छात्र-छात्राएं यहां के स्कूल में पढ़कर इंजीनियर बने हैं।
प्रतिनिधि मंडल ने गांव के सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान में डिजिटल प्रणाली से लोगों को राशन लेते देखा। सरपंच हिम्मत चन्द्राकर ने उन्हें बताया कि ग्राम पंचायत फरफौद को मनरेगा के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए पिछले वर्ष दो फरवरी को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया है। फरफौद के समग्र विकास को देखकर प्रतिनिधि मंडल ने यहां के सरपंच एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधियों की सराहना की।

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