पाटन ब्लाक के पांच माडल गौठानों पर कार्य अंतिम चरण में : केवल 45 दिनों में निखर गया स्वरूप

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गौवंश और कृषि के संवर्धन को लेकर छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी अब मूर्त रूप में दिखने लगी है। दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के जामगांव(एम) में जहां बरसों से खाली पड़ी जमीन पर झार-झंगाड़ उग आए थे, वहां सब्जी की फसल उगाने की तैयारी है, इसके लिए मांदा बना लिया गया है। उधर अमेरी नाला में डिसेल्टिंग का काम हो रहा है। इसके दुरूस्त होने से पानी की दिक्कत दूर हो जाएगी और सब्जी की फसल के लिए संभावना तैयार होगी। इसके बिल्कुल निकट 8 एकड़ भूमि का समतलीकरण किया गया है और यहां नैपियर घास उगाने की तैयारी की गई है।
कमिश्नर श्री दिलीप वासनीकर ने जब साइट का अवलोकन किया तो उन्होंने उपस्थित ग्रामवासियों से कहा कि यह जगह जहां हम खड़े हैं वो हमारी प्रगति के लिए मील का पत्थर है। पूरे प्रयास से इस संकल्पना को मूर्त रूप दीजिए ताकि आर्थिक समृद्धि और सतत् विकास की राह हमेशा के लिए खुल जाए।
पाटन ब्लाक में एनजीजीबी प्रोजेक्ट के अंतर्गत पांच गांवों में माडल गौठान बन रहे हैं। जिला पंचायत सीईओ श्री गजेंद्र ठाकुर ने कमिश्नर श्री वासनीकर को बताया कि इसमें पाहंदा एवं जामगांव(एम) के अलावा अमलीडीह, सांकरा और ढौर भी शामिल हैं। इन्हें माडल लेकर पाटन ब्लाक के 62 अन्य गांवों में भी इसी तरह के गौठान तैयार किए जाएंगे। पाहंदा के गौठान में 1500 पशुओं के रहने की व्यवस्था की गई है। गौठान समिति इसका कार्य देखेगी और सहभागिता से चारे का प्रबंध होगा। इसके बिल्कुल बगल से मखमली घास लगेगी जो पशुओं को बेहद प्रिय होती है। उधर छह एकड़ का पैच नैपियर घास के लिए भी तैयार किया जा रहा है। पाहंदा में 6 स्व-सहायता समूह बाड़ी के माध्यम से सब्जी उगाएंगे।
कमिश्नर श्री वासनीकर ने छत्तीसगढ़ में पाहंदा के पहाटिया (चरवाहे) रामस्वरूप से पूछा। कैसे लगथ हे गौठान ह, पहाटिया ने कहा, बढिया हे, गांव वाला मन बहुत खुश हे, सबके मवेशी मन इहें रहिहिं, इहां पूरा परबंध रहिहि। जामगांव (एम) की सरपंच श्रीमती दीपा कोसले ने बताया कि ग्रामीण जन ऐसी रुचि ले रहे हैं जैसे त्यौहार आदि का काम हो। सबको मालूम है कि इससे बड़ी समस्या हल होने वाली है। कमिश्नर ने बताया कि सब्जी के उत्पादन से आपको रायपुर के बिल्कुल निकट होने का लाभ मिलेगा और धीरे से आपके बाजार का विस्तार छत्तीसगढ़ से बाहर भी हो सकता है। सरपंच ने बताया कि नरूवा में मछली पालन भी करेंगे। कमिश्नर ने बताया कि उद्यानिकी विभाग और मत्स्य विभाग इसके लिए आपको नियमानुसार सहायता एवं ट्रेनिंग भी प्रदान करेंगे, इससे अतिरिक्त आमदनी भी मिलेगी।

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