कौशल विकास प्रशिक्षण में अनियमितता : 14 संस्थाओं का व्हीटीपी पंजीयन और 40 बैचों का प्रशिक्षण निरस्त

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मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में संचालित कौशल प्रशिक्षण के दौरान रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, बलौदाबाजार एवं बिलासपुर जिले में कुल 30 संस्थाओं के आकस्मिक निरीक्षण राज्य स्तर के अधिकारियों द्वारा किया गया। आकस्मिक निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर 40 प्रशिक्षण बैचों को निरस्त किया गया तथा 14 संस्थाओं के व्हीटीपी पंजीयन को निरस्त करने की कार्यवाही की गई। यह कार्यवाही राज्य में की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही है।

आकस्मिक निरीक्षण के दौरान व्हीटीपी में प्रशिक्षणार्थियों की कम उपस्थिति, व्हीटीपी बंद पाए जाने, व्हीटीपी के पास आवश्यक अधोसंरचना-लैब सेटअप नहीं पाए जाने और व्हीटीपी के पास निर्धारित अर्हता प्राप्त प्रशिक्षक नहीं होने के कारण 40 प्रशिक्षण बैचों को निरस्त करने तथा 14 संस्थाओं का वीटीपी का पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही की गई। राज्य में अब तक की गई यह सबसे बड़ी कार्यवाही है, जिसमें सीधे राज्य द्वारा प्रशिक्षण बैच तथा प्रशिक्षण केन्द्रों का पंजीयन निरस्त किया गया है।
जिन संस्थाओं का व्हीटीपी का पंजीयन निरस्त किया गया है, उनमें ओम सांई शिक्षण एवं समाजिक सेवा समिति, रायपुर, आरोही स्किल एकेडमी, चंद्राकर समाज भवन, लखोली (आरंग), महामाया टेªेनिंग सेंटर, हरिभूमि प्रेस, सामुदायिक भवन, रायपुर, महानदी टेªेनिंग संेटर, अशोक नगर, गुढि़यारी, रायपुर, जन आकांक्षा शिक्षण समिति, राजनांदगांव, दिनेश कोचिंग एण्ड कम्प्युटर दुर्ग, हुनर केन्द्र दुर्ग, मॉड्यूलर एम्प्लॉयबिलिटी रिसोर्स एकेडमी प्रा. लि., दुर्ग, श्री वासुदेवम टेªनिंग सेंटर, रायपुर, श्री ऑटोमोबाईल टेªनिंग सेंटर, धमतरी, इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एण्ड कम्युनिकेशन टेªनिंग एजुकेशन सोसायटी, धमतरी, अलगन वीटीपी सेंटर, धमतरी, वर्धमान एजुकेशन एवं सोशल वेलफेयर सोसायटी और गैलेक्सी फाउंडेशन निपनिया, बलौदाबजार शामिल हैं।
राज्य कार्यालय द्वारा नियोजित हितग्राहियों के ट्रेकिंग का कार्य भी किया गया। वर्ष 2018-19 में नियोजित 39012 युवाओं में से 3558 युवाओं से संपर्क करने का प्रयास किया गया, जिसमें से 1689 से संपर्क हुआ, जिसमें 795 युवाओं द्वारा नियोजित होना बताया गया। पोर्टल पर उपलब्ध प्रशिक्षित एवं नियोजित हितग्राहियों के आकड़ों का विश्लेषण करने पर यह पाया गया कि 1,957 हितग्राहियों को एक से अधिक बार प्रशिक्षण देकर नियोजित किया गया, 180 प्रकरणों में एक ही हितग्राही द्वारा एक ही बैच में प्रशिक्षण लिया गया और एक से अधिक बार नियोजन दर्शाया गया, 53,566 मोबाईल नंबर प्रशिक्षण के डाटाबेस में और 19 हजार 597 मोबाईल नंबर नियोजन के डाटाबेस में डुप्लिकेट पाए गए।

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