मोटर व्हीकल ड्रायविंग के लिए बनेगा प्रशिक्षण केन्द्र

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मुख्यमंत्री का सुझाव: प्रशिक्षित युवाओं की जानकारी
उपलब्ध कराने बनाए मोबाइल एप्लीकेशन
अनियमितता: 14 संस्थाओं का व्हीटीपी पंजीयन और 40 बैचों का प्रशिक्षण निरस्त

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां मंत्रालय में कौशल विकास परियोजना की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने युवाओं को मोटर व्हीकल ड्रायविंग का प्रशिक्षण लगभग पांच करोड़ रूपए की लागत से प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि प्राधिकरण द्वारा मोबाइल एप्लीकेशन एप तैयार किया जाए, जिसमें ड्रायवर, क्लीनर सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रिपेयर, प्लंबर, ऑटोमोबाइल मैकेनिक, रेफ्रिजरेटर मैकेनिक, मेडिकल और नर्सिंंग सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षित युवाओं की जानकारी उनके मोबाइल नम्बर सहित जन सामान्य के अवलोकन के लिए उपलब्ध हो, इससे नागरिकों को विभिन्न ट्रेण्ड के प्रशिक्षित युवाओं को खोजने में आसानी होगी और युवाओं को भी रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही मायने में कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार व स्व-रोजगार से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं को ऐसे ट्रेड में प्रशिक्षण देने पर जोर दिया, जिनकी अच्छी मांग है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों और माइंस वाले क्षेत्रों में अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को हैवी व्हीकल ड्राइवर, लाइट मोटर व्हीकल ड्राइविंग और क्लीनर के साथ-साथ उस क्षेत्र के रोजगार की मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाए। राज्य में वाहनों की संख्या अधिक है और प्रशिक्षित ड्रायवर कम संख्या में उपलब्ध हैं। प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। इससे वाहन दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

कौशल विकास और जनशक्ति नियोजन मंत्री श्री उमेश पटेल ने बताया कि ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के उद्देश्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को आगामी अनुपूरक बजट में शामिल करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी भी उपस्थित थे। उच्च शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और जनशक्ति नियोजन विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 109 सेक्टर में 804 पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में 2343 व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं (व्ही.टी.पी.) युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और लाईवलीहुड कॉलेजों के माध्यम से युवाओं को दिए गए प्रशिक्षणों की जानकारी दी और इसके माध्यम से इन्हें मिले स्व-रोजगार के अवसरों को बताया।

श्रीमती पिल्ले ने बताया कि प्रशिक्षण गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक से उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है। प्रशिक्षण लैब में सीसीटीव्ही कैमरे लगाए जाएंगे। व्हीटीपी द्वारा अनियमितता की जाती है, तो उस पर 50 हजार रूपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया गया कि कौशल प्रशिक्षण के दौरान रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, बलौदाबाजार एवं बिलासपुर जिले में कुल 30 संस्थाओं के आकस्मिक निरीक्षण में 40 प्रशिक्षण बैचों को निरस्त किया गया तथा 14 संस्थाओं के व्हीटीपी पंजीयन को निरस्त करने की कार्यवाही की गई। यह कार्यवाही राज्य में की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही है।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण और राज्य परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज सोसायटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पुष्पेन्द्र मीणा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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