बस्तर जिले में शिक्षकों का संलग्नीकरण होगा समाप्त : कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं होना चाहिए: वाणिज्यिक कर मंत्री श्री लखमा

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बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरूस्त करने के निर्देश
किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो
वाणिज्यिक कर मंत्री ने ली जिला अधिकारियों की बैठक

वाणिज्यिक कर तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ने कहा है कि बस्तर में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है इसलिए कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं होना चाहिए। श्री लखमा ने आज जगदलपुर के कलेक्टोरेट में सभी विभागों के जिला अधिकारियों की बैठक लेकर संचालित योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि जिले में 59 स्कूल शिक्षक विहीन और 61 स्कूलों में एकल शिक्षक हैं। उन्हें यह भी बताया गया कि जिले में 494 शिक्षक दूसरे कार्यालयों अथवा अन्य कार्यों के लिए संलग्न हैं। इस पर श्री लखमा ने कहा कि इन संलग्न शिक्षकों का संलग्नीकरण तत्काल समाप्त कर उन्हें उनके मूल पदस्थापना में पदस्थ किया जाए। बैठक में बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, विधायक श्री रेखचंद जैन और विधायक नारायणपुर श्री चंदन कश्यप भी विशेष रूप से उपस्थित थे। कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली ने जिले में चल रहे विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।
वाणिज्यिक कर मंत्री श्री लखमा ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिजली लाईनों को दुरूस्त किया जाए। यह शिकायत दुबारा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को भी दुरूस्त करने जरूरत है। मरीजों को ईलाज अथवा दवाईयों के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्हांेने संयुक्त संचालक स्वास्थ्य से कहा कि मरीजों के प्रति डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टॉफ का व्यवहार शालीन होना चाहिए। पूरी संवेदनशीलता से मरीजों का उपचार किया जाए। विधायक नारायणपुर श्री चंदन कश्यप ने भानपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टरों की कमी का जिक्र किए जाने पर मंत्री श्री लखमा ने वहां दो और डॉक्टरों को पदस्थ करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। कलेक्टर ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर दो डॉक्टरों की तैनाती कर दी जाएगी। विधायक श्री रेखचंद जैन ने जगदलपुर के महारानी अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त दवाईयां उपलब्ध नहीं होने का मामला उठाया। इस पर कलेक्टर ने वार्ड में ही दवाईयों की व्यवस्था करने के निर्देश संयुक्त संचालक स्वास्थ्य को दिए।
मंत्री श्री लखमा ने जिले में खरीफ मौसम के लिए खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था करने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद और बीज मिलना चाहिए। बैठक में बताया कि जिले में खाद और बीज का पर्याप्त भण्डारण है और किसानों को इसका वितरण किया जा रहा है। श्री लखमा ने किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वन विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस वर्ष जिले में 921 हेक्टेयर 10 लाख 12 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल ने कहा कि पौधे लगाने से ज्यादा जरूरी उनकी सुरक्षा है। पौधे लगाने के साथ ही सुरक्षा के भी पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
बैठक के प्रारंभ में मंत्री श्री लखमा ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा,घुरूवा, गरूवा और बाड़ी की समीक्षा की। कलेक्टर डॉ. तम्बोली ने बताया कि जिले में 7 आदर्श गोठानों का निर्माण किया गया है। नरवा के तहत 54 नालों का चयन किया गया है, जिसमें से 48 पर कार्य शुरू हो चुका है। बाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत किसानों को पौधे और बीज का वितरण किया जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि वनाधिकार मान्यता पत्रों की समीक्षा के लिए नये सिरे से वन समितियों का गठन किया जा रहा है। इसमें 10 से 15 सदस्य होंगे। वनाधिकार मान्यता पत्रों पर यही समिति निर्णय करेगी। इसके लिए 26 और 28 जून को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री अरबिंद एक्का सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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