National Voters Day: आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार नहीं, इसलिए एक साल बाद भी 66 पंचायतों में सरपंच नहीं

0
539

संदीप तिवारी, रायपुर। National Voters Day: छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनाव के एक साल बीतने के बाद भी 66 ग्राम पंचायत ऐसी हैं, जहां सरपंच का पद खाली है। दरअसल, ज्यादातर ग्राम पंचायतें अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित हैं। मजे की बात है कि इन गांव में संबंधित जाति के उम्मीदवार ही नहीं रहते। ऐसी स्थिति में इन गांवों में बिना सरपंच के ही पंचायती सरकार का काम चल रहा है।

मतदाता आरक्षण की व्यवस्था के कारण मतदाता अपना सरपंच नहीं चुन सके हैं। इतना ही नहीं, आरक्षण का ही परिणाम यह रहा है कि प्रदेश के 874 आरक्षित वार्डों में पंचों के लिए कोई नामांकन तक दाखिल नहीं हो पाया। एक साल बाद भी आयोग ने यहां दोबारा चुनाव कराने में दिलचस्पी नहीं ली। जानकारी के मुताबिक इन गांवों के परिसीमन या गांव वालों के विस्थापित होने की वजह से इस तरह की नौबत आई है।

रायपुर में 415 सरपंच के पदों में दो गांव खाली

रायपुर में सरपंच के कुल 415 पद हैं। इनमें दो ग्राम पंचायतें खाली हैं। इसी तरह पंच के 6158 पदों में से 11 पद अभी तक खाली पड़े हुए हैंं। प्रदेश के 28 जिलों में से ज्यादातर खाली पद रायपुर समेत कांकेर, कवर्धा, बेमेतरा, जगदलपुर व अन्य जिलों से हैं।

केस 01: गांव में कोई एससी नहीं फिर भी आरक्षित

राजधानी से लगे गांवों में पंच और सरपंचों के पद आरक्षण के कारण खाली पड़े हुए हैं। अभनपुर विकासखंड के जौंदी ग्राम पंचायत में कार्यवाहक सरपंच के तौर पर काम कर रहे टोमन साहू बताते हैं कि गांव वालों के सहयोग से ही कुछ काम कर पाते हैं, बाकी गांव में कोई भी मतदाता एससी (अनुसूचित जाति) वर्ग का नहीं है। गांव में पड़ताल करने पर यहां के मतदाताओं में चुनाव नहीं होने के कारण भारी रोष भी दिखा। गांव मंे 12 वार्ड और 1094 मतदाता हैं। यहां की आधी आबादी ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) से है।

केस 02: ओड़का में नहीं मिली महिला सरपंच

आरंग के ओड़का ग्राम पंचायत को ओबीसी महिला मुक्त रखा गया है। यहां कुछ महिलाओं ने चुनाव के दौरान नामांकन दाखिल किया था लेकिन बाद में किसी के पास प्रमाण-पत्र नहीं होने से नाम वापस लेना पड़ा। अब यहां जय डहरिया कार्यवाहक सरपंच का पद संभाल रहे हैं। जय डहरिया ने बताया कि महिला ओबीसी नहीं मिलने से ये नौबत बनी हुई है। आरंग के चटौद गांव में वार्ड 11 में पंच के लिए एक भी नामांकन नहीं आया। इसी तरह अभनपुर में एक, धरसींवा में दो और तिल्दा में एक पंच के लिए एक भी नामांकन नहीं मिला था।

वर्जन

राज्य में करीब 66 ग्राम पंचायतें हैं जहां आरक्षण या किसी अन्य वजहों से पद खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए जल्द से जल्द चुनाव कराया जााएगा।

– ठाकुर राम सिंह ,राज्य निर्वाचन आयुक्त, छत्तीसगढ़

28 जिले प्रदेशभर में

146 जनपद पंचायत वर्तमान में

400 जिला पंचायत सदस्य

2979 जनपद पंचायत सदस्य

11 हजार 664 सरपंच के पद प्रदेश में

1,60,725 पंच के पद प्रदेश में

1,44, 68,763 कुल मतदाता पंचायत में

30 दिसंबर 2019 को जारी हुई थी पंचायत चुनाव की अधिसूचना

28 जनवरी, 31 जनवरी और तीन फरवरी 2020 को हुआ था मतदान

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here