रायपुर में लाकडाउन लगते ही दो सौ का गुड़ाखु पांच सौ का हुआ

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कांकेर (नईदुनिया न्यूज)। रायपुर में लगे लाकडाउन का असर कांकेर में देखने को मिल रहा है। लाकडाउन के बाद गुटखा-गुड़ाखू की कालाबाजारी शुरू हो गई है। 200 रुपये में मिलने वाली गुड़ाखु 500 रुपये तक पहुंच गया है। कांकेर में लाकडाउन लगा तो पिछली बार की तरह 1700-1800 तक पहुंचा देंगे, मुनाफाखोर।

रायपुर में लाकडाउन की घोषणा के बाद बाजार से गुड़ाखू गायब हो गया है, वहीं तंबाकू उत्पादों के दाम 40 से 60 रुपये तक प्रति पैकेट तक बढ़ गए हैं। छोटे दुकानादारों में तंबाकू उत्पादों को खरीदने के लिए होड़ मची हुई है। हर कोई जितना अधिक हो सके, इन उत्पादों को स्टोर करने में लगा हुआ है, 120 रुपये पैकेट मिलने वाला गुटाखा 140 रुपये में बिक रहा है।

पिछले लाकडाउन में बढ़ा था दाम

जिले के थोक बाजार में गुड़ाखू के दाम बढ़ने के कारण फुटकर दुकान पर भी गुड़ाखू महंगा बिक रहा है। गुड़ाखू का एक पैकट जो कुछ दिन पहले 190 से 200 रुपये में मिल रहा था। उसका दाम बढ़कर 500 रुपये हो गया है। एक गुड़ाखू की कीमत 10 से 20 रुपये तक पहुंच गया है। पिछले लाकडाउन में भी जमकर हुई थी कालाबाजारी लाकडाउन में गुड़ाखू और गुटखा बेचने वालों ने मनमानी कमाई की थी। एक बार फिर से गुटखा, गुड़ाखू की कालाबाजारी शुरू हो गई है, कारोबारियों को मालूम हो गया है कि लाकडाउन में सप्लाई बाधित होने से इनकी मांग बढ़ जाती है। इसके चलते इस बार हुए लाकडाउन में भी कालाबाजारी बढ़ गई है। आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं। पूसवड़ा से शहर में सामान खरीदने पहुंचे एक दुकानदार ने कहा कि तंबाकू उत्पादों जैसे गुड़ाखू के दाम बढ़ने लगे है, बाजार में गुड़ाखू नहीं मिल रहा है, 120 रुपये पैकेट मिलने वाला गुटाखा अब 140 रुपये में बिक रहा है, रायपुर से सामान आना बंद होने पर गुटखा और गुड़ाखू के दाम आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं, यही कारण है कि आम लोग इसे ज्यादा मात्रा में खरीद रहे हैं। लोग तंबाकू उत्पादों को अपने घरों में ही जमा कर रहे हैं।

होलसेल दुकानदार के पास गुड़ाखू नहीं

विदित हो कि कांकेर शहर के एक होलसेल व्यापारी जिसके पास से ही शहर के छोटे दुकानदार से लेकर छोटे छोटे पान ठेले से लेकर चाय ठेले तक के लोग गुटखा, गुुड़ाखू, सिगरेट की खरीदी करते आ रहे है। आज उसी होलसेल व्यापारी लंबे समय से स्टाक नहीं आ रहा है कि हवाला देते हुए समान देना बंद कर दिया है। जबकि होलसेल व्यापारी इसका स्टाक कई महीने से मंगवाकर जाम किए रहते है, बस इनको इंतजार है कांकेर में लाकडाउन का और इसका खामियाजा आम गरीब लोगों को भोगना पड़ेगा, इस ओर अभी तक प्रशासन का ध्यान नहीं गया है। प्रशासन कोरोना नियमों का पालन करवाने में लगा हुआ है।

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