सीमाओं की पहरेदारी के लिए अफसरों की दौड़, आंध्रा स्ट्रेन ने डराया

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जगदलपुर। कोरोना वायरस का नया वैरियंट एपी स्ट्रेन के सामने आने के बाद यहां बस्तर जिले में भी सीमाओं की चौकसी सख्त कर दी गई है। हर आने- जाने वाले की कड़ाई से जांच की जा रही है। ओडिशा से मिलने वाली सीमा पर धनपुंजी नाका के साथ ही जिले में स्थित अन्य जांच नाकों कोड़ेनार, दरभा, फरसागुड़ा, मारडूम, मारेंगा आदि में भी आवागमन को लेकर कड़ाई बरती जा रही है। सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कोरोना की जांच की व्यवस्था भी सुदृढ़ की गई है। अधिकारियों को नियमित रूप से जांच नाकों की व्यवस्था का आकस्मिक निरीक्षण करने निर्देशित किया गया है।

बुधवार को कोविड टास्क फोर्स की बैठक में मिले दिशा- निर्देश के बाद अफसरों की जांच नाकों और सीमाओं की पहरेदारी के लिए भाग-दौड़ तेज हो गई है। गुरुवार को सहायक कलेक्टर सुरूचि सिंह ने जांच नाकों का निरीक्षण किया। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा आरके चतुर्वेदी भी बुधवार शाम को कई जांच केंद्रों में पहुंचे थे। दूसरे अधिकारी भी लगातार जांच नाकों के निरीक्षण के लिए पहुंचते रहे। बुधवार रात कलेक्टर ने एक वीडियो जारी कर अपने संदेश में बताया कि बस्तर जिले में अब तक कोरोना के आंध्रा स्ट्रेन का एक भी केस मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

उल्लेखनीय है कि आंध्रप्रदेश से आए एक श्रमिक में कोरोना के नए वैरियंट के लक्षण पाए जाने की चर्चा सुर्खियों में रही थी। इसके बाद से यहां बस्तर में हडकंप मचा है। बस्तर संभाग की सीमा आंध्रप्रदेश और ओडिशा से लगती है। कोरोना संक्रमणकाल में सबसे अधिक श्रमिक भी आंध्रप्रदेश से ही अपने घरों को लौट रहे हैं।

इसे देखते हुए सतर्कता काफी बढ़ा दी गई है। कोरोना के नए वैरियंट आंध्रा स्ट्रेन को वर्तमान वैरियंट से 15 गुना ज्यादा खतरनाक बताया गया है। जिला प्रशासन ने नए वैरियंट का प्रवेश रोकने व्यापक तैयारियां की हैं और कई जरूरी कदम उठाए हैं।

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