Wednesday, June 16, 2021
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कोरोना संक्रमण के बीच छत्तीसगढ़ के इस जिले में चल रहे...

धमतरी: जहां एक तरफ पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है. कईयों ने इस वैश्विक बीमारी से अपनों को खोया है, यही कारण है कि सरकार ने लॉकडाउन को अपनाया था. जिसमें सभी प्रकार के गतिविधियों को बंद रखा गया था. लेकिन स्थिति में थोड़ा सुधार होने पर अर्थव्यवस्था में सुधार हो इसके लिए थोड़ी सी छूट दी गई है. लेकिन लोग इसका गलत फायदा उठा रहे हैं. इसका उदहारण छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में देखने को मिल रहा है. कुछ लोग सरकार द्वारा दी गई छूट का फायदा उठाकर अपनी और दूसरों की जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं. जिले के गंगरेल बांध में धड़ल्ले से वाटर स्पोर्ट और बोटिंग चल रही है.जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस प्रकार लोग प्रशासनिक आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं. भले ही जिला प्रशासन ने कई छूट दी, लेकिन इसमें स्विमिंग पूल, पर्यटन स्थल और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चलने वाली गतिविधियों को शामिल नहीं किया गया है. इसे खोलने के निर्देश नहीं दिए हैं. लेकिन गंगरेल बांध में बिना परमिशन और कलेक्टर आदेश को दरकिनार करते हुए वहां के संचालक द्वारा बकायदा बोटिंग और वाटर स्पोर्ट का आनंद पर्यटकों...

कोरोना की दूसरी लहर में बंदियों को राहत, प्रदेशभर की जेलों...

 रायपुर। कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखकर प्रदेशभर की जेलों से बंदियों को जमानत व पेरोल पर छोड़ने का सिलसिला जारी है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अब तक करीब 32 सौ बंदियों को छोड़ा जा चुका है। सभी बंदी अपने घरों में स्वजनों के साथ रह रहे हैं। कोरोना की पहली लहर में भी जेल बंदियों को कहर से बचाने जमानत पर छोड़ा गया था। बावजूद इसके जेलों में कोरोना संक्रमण फैलने से नहीं रोका जा सका। रायपुर समेत कई जेलों में बंदियों की मौते हुई थी, वहीं सैकड़ों की संख्या में बंदी समेत जेल प्रहरी, अधिकारी-कर्मचारी संक्रमण के शिकार हुए थे। जेल प्रशासन के तमाम ऐहतिहात के बाद भी प्रदेशभर के जेलों में कोरोना से बिगड़ रहे हालात को देखते हुए अप्रैल महीने से ही बंदियों को पैरोल, जमानत पर छोड़े जाने की मांग उठने लगी थी। कोरोना की बढ़ रही रफ्तार को देखते हुए जेल व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने पूरी रिपोर्ट जेल मुख्यालय से मांगी थी। उसी के आधार पर ही कैदियों को जमानत या पैरोल पर दोबारा छोड़ने का फैसला हाईकोर्ट ने सुनाया। इसके बाद मई के आखिरी सप्ताह से बंदियों को छोड़ने का सिलसिला जारी है।

खुश खबर: बच्चों के लिए स्पूतनिक-वी के नैजल स्प्रे वैक्सीन का...

तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरे की आशंका के बीच रूस ने 8 से 12 साल तक के बच्चों के लिए अपनी कोरोना रोधी वैक्सीन स्पूतनिक-वी के नैजल स्प्रे का परीक्षण शुरू कर दिया है। इससे बच्चों की नाक में दवा का स्प्रे कर उन्हें डोज दिया जाएगा। रूस के गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के प्रमुख अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने कहा कि बच्चों के लिए वह अपनी कोविड-19 रोधी वैक्सीन का नैजल स्प्रे तैयार कर रहा है। यह 15 सितंबर तक तैयार हो जाएगा। टीएएसएस समाचार एजेंसी ने बताया कि गिंट्सबर्ग ने कहा कि बच्चों के लिए स्प्रे में एक ही वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाता है 'केवल सुई के बजाय, एक नोजल लगाया जाता है'। इस नैजल स्प्रे का परीक्षण कर रही टीम ने 8 से 12 साल के बच्चों के बीच इसका परीक्षण किया और उसका उनमें कोई दुष्प्रभाव नहीं पाया। इसके बच्चों के शरीर के तापमान में भी बढ़ोतरी नहीं देखी गई। गिंट्सबर्ग ने कहा कि हम हमारी वैक्सीन को नाक के जरिए इन छोटे रोगियों को दे रहे हैं। हालांकि परीक्षण में कितने बच्चों को शामिल किया गया, इस बारे में उन्होंने कोई ज्यादा जानकारी नहीं दी।

अजय देवगन ने लोगों के लिए यूं बढ़ाए मदद के हाथ,...

कोरोना महामारी (corona pandemic) का उग्र रूप देखने को मिला है. अब भले धीरे धीरे इस महामारी पर काबू पा लिया गया हो लेकिन अभी भी बाहर के हालत एक जम से ठीक नहीं हैं. महामारी के कारण न केवल लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है, इससे दिहाड़ी मजदूरों के लिए चिकित्सा सहायता अनुपलब्ध हो गई है. एक लंबे समय से फिल्म की शूटिंग रुक गई है और सिनेमा हॉल अभी भी बंद हैं. ऐसे में बॉलीवुड के लोग इन लोगों की मदद भी कर हैं. इस लिस्ट में अजय देवगन (Ajay Devgn)का नाम भी शामिल हो गया है. अब अजय देवगन ने लोगों की जिम्मेदारी को अपने ऊपर ले लिया है. वह फिल्म से जुड़े लोगों को भीतर और बाहर दोनों तरह से मदद करेंगे. मई के महीने में मध्य मुंबई में बीएमसी को 20-बेड का आईसीयू सुविधा स्थापित करने में मदद करने के अलावा, शुक्रवार, 11 जून को, अजय के एनवाई फाउंडेशन ने मुंबई उपनगर में एक वैक्सीन शिविर का आयोजन किया है. लगातार कर रहे हैं लोगों की मदद इससे पहले एनवाई फाउंडेशन ने एक अन्य स्थान पर इसी तरह का लेकिन छोटा अभ्यास किया था....

कोरोना वायरस से कुछ लोगों की तबीयत ज्यादा खराब क्यों हो...

कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) से संक्रमित कुछ लोगों में हल्के लक्षण दिखाई देते हैं और वो जल्दी ही ठीक भी हो जाते हैं लेकिन कई लोग इससे काफी ज्यादा प्रभावित हो जाते हैं. तो ऐसे में एक सवाल बनता है कि आखिर क्यों कुछ लोग कोरोना वायरस से अधिक प्रभावित होते हैं? अब वैज्ञानिकों ने इस सवाल का जवाब भी ढूंढ लिया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा डीएनए की सीक्वेंसिंग के कारण होता है. इससे ये भी पता चला है कि कोरोना कई अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है. ये तरीका मौजूदा तकनीक से 1000 गुणा अधिक कारगर है. इस तरीके से वैज्ञानिकों को डीएनए के विभिन्न हिस्सों के बीच के संबंध का पता चल जाता है. इससे उस डीएनए फाइबर का पता चलता है, जो पास मौजूद मिलीमीटर से 1 किलोमीटर की दूरी पर होते हैं (DNA Identification). उदाहरण के तौर पर अगर एक डीएनए का आकार ईंट के बराबर है, तो एक सेल में करीब 6 बिलियन ईंट होंगी. वैज्ञानिक अब ये पता लगा सकते हैं कि कौन सी ईंट यानी ब्रिक एक दूसरे के करीब हैं और ये सेल्स के अंदर किस तरह से संरचनाओं का निर्माण...

प्राइवेट वैक्सीन सेंटर पर कितने में मिलेगी कोविशील्ड, कोवैक्सिन और स्पूतनिक...

वैक्सीनेशन पॉलिसी (Vaccination Policy) चेंज करने के बाद अब केंद्र सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों के लिए कोरोना वैक्सीन के अधिकतम रेट तय किए हैं और वैक्सीन का रिवाइज रेट (Vaccine Revised Rate) शेयर किया है. सरकार द्वारा जारी किए रिवाइज रेट के मुताबिक प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटरों में कोविशील्ड अब 780 रुपए में मिलेगी जबकि कोवैक्सीन 1410 रुपए में उपलब्ध होगी. वहीं स्पूतनिक की कीमत भी 1145 कर दी गई है. पहले कोवीशील्ड 600 रुपय में कोवैक्सीन 1200 रुपए में और स्पूतनिक 948 रुपए में मिल रही थी जिसके ऊपर जीएसटी लगाया गया था. लेकिन अब कोविशील्ड के दाम 780 (600 वैक्सीन की कीमत+5% GST+सर्विस चार्ज 150 रुपए) रुपए प्रति डोज़ होंगे. कोवैक्सीन की कीमत 1410 रुपये (1200 रुपए कीमत+60 रुपए जीएसटी+150 रुपए सर्विस चार्ज) प्रति डोज़ होगी. स्पूतनिक-V की कीमत प्राईवेट अस्पतालों के लिए 1145 प्रति डोज़ (948 रुपए वैक्सीन+47 रुपए जीएसटी+ 150 रुपए सर्विस चार्ज) होगी. S.NO.वैक्सीननिर्माता द्वारा बताई गई प्रति डोज की कीमतजीएसटी @5%अधिकतम सर्विस चार्ज प्रति डोजप्राइवेट सेंटरों द्वारा ली जाने वाली अधिकतम कीमत1.Covishield600301507802.Covaxin12006015014103Sputnik V984471501145 ज्यादा रेट वसूलने पर होगी कार्रवाई निर्धारित रेट को लेकर हर रोज इसकी निगरानी की जाएगी. ज्यादा रेट...

टीकाकरण: दिसंबर तक कैसे मिलेगी वैक्सीन की 250 करोड़ डोज, केंद्र...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोमवार को सभी को मुफ्त में कोरोना टीका देने की घोषणा के बाद केंद्र सरकार ने 74 करोड़ वैक्सीन डोज की खरीद का ऑर्डर दिया है और साथ ही इसके लिए अग्रिम भुगतान भी कर दिया है। कोरोना की ये वैक्सीन अगस्त से दिसंबर के बीच आएंगी। खास बात यह है कि कोरोना की ये वैक्सीन तीन कंपनी भारत बायोटेक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और बायोलॉजिकल ई देंगी। इसके अलावा कुछ और वैक्सीन भी जल्द आएंगी। पीएम मोदी ने एलान किया कि 21 जून से सभी राज्यों को मुफ्त कोरोना की वैक्सीन दी जाएगी। इसके लिए सरकार वैक्सीन निर्माताओं से वैक्सीन खरीदेगी और राज्य सरकार को आबादी, संक्रमण और जरूरत के हिसाब से लोगों के लिए वैक्सीन देगी। इस एलान के तुरतं बाद मंगलवार को केंद्र सरकार की तरफ से जानकारी दी गई कि इसके लिए केंद्र सरकार ने 74 करोड़ वैक्सीन डोज एडवांस में बुक कर ली है। कहां से मिलेंगी 74 करोड़ वैक्सीन की खुराक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को कोविशील्ड की 25 करोड़ डोज और भारत बायोटेक को कोवाक्सीन की 19 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया है।कोरोना टीकों...

कोरोना को लेकर सरकार ने दी चेतावनी, ‘कोविड की अगली लहर...

कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर ज्यादातर राज्यों में कमजोर पड़ रही है। संक्रमण के मामले और मौतों की संख्या में लगातार कमी देखी जा रही है। हालांकि केंद्र सरकार ने शुक्रवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि लोग जो दिसंबर और जनवरी में कर रहे थे, अगर वही वे वापस करने लगेंगे तो स्थिति फिर से खराब हो जाएगी। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि अगर हम दिसंबर, जनवरी में जो कर रहे थे, वही फिर से करना शुरू करते हैं तो अगली लहर बहुत तेज होगी और वह बहुत ही जल्द चरम पर पहुंच सकती है। हालांकि यदि हम कोविड के प्रति उचित व्यवहार को बनाए रखते हैं तो लहर छोटी होगी या फिर हो सकता है कि कोई लहर हो ही नहीं। उन्हांनें कहा कि हमें समय खरीदना होगा, जिसमें वैक्सीनेशन सुनिश्चित किया जा सके। सावधानी रखने की है जरूरत डॉ. पॉल ने कहा कि हमने वायरस के एक जगह से दूसरे जगह जाने को मुश्किल बना दिया है। लेकिन हमें यह याद रखना होगा कि जब दूसरी लहर की चरम स्थिति खत्म हो रही है और यदि हम वही सब...

COVID है या नहीं? इस नंबर पर X-ray रिपोर्ट भेज मिनटों...

कोरोना के इस दौर में बीमारी का जल्द से जल्द पता चलना बेहद जरूरी है और उसके साथ यह भी जरूरी है कि समय रहते ही उसका इलाज कर दिया जाए. इसको लेकर एक AI-ड्रिवेन प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है जिससे COVID-19 से पीड़ित मरीजों के बारे में चेस्ट के जरिए जानकारी प्राप्त की जा सकती है. इस प्लेटफॉर्म को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) द्वारा स्थापित एक नॉट-फॉर प्रॉफिट फाउंडेशन ARTPARK (AI & Robotics Technology Park) और भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DST) ने एक हेल्थटेक स्टार्टअप Niramai के साथ मिलकर डेवलप किया है. इसका नाम XraySetu और यह वॉट्सऐप पर आने वाले लो रेजोल्यूशन वाले चेस्ट एक्स-रे की फोटो देखकर इस बात की जानकारी दे सकता है कि व्यक्ति COVID से पीड़ित है या नहीं. यह प्लेटफॉर्म ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बेहद काम आ सकता है जो RT-PCR नहीं करवा पा रहे हैं. ऐप को विकसित करने वाले टेक स्टार्टअप के मुताबिक इससे मात्र आधे घंटे यानी 30 मिनट में रिपोर्ट प्राप्त की जा सकती है. 14 बीमारियों का पता लगा सकता है XraySetu XraySetu न सिर्फ COVID-19 बल्कि...

आक्सीजन लेवल 52 फिर भी वृद्घा ने कोरोना को दी मात...

अंबिकापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सीतापुर जनपद के ग्राम पंचायत भुसु अंतर्गत ग्राम गेराडांड निवासी 60 वर्षीय झुनीबाई ने आक्सीजन लेवल 52 होने के बावजूद कोविड केयर सेंटर मैनपाट में अपना हौसला बनाए रखकर कोरोना को मात दे दी। मैनपाट कोविड केयर सेंटर के चिकित्सक डा. संदीप भगत ने बताया कि झुनीबाई को कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि नौ मई को हुई थी। सीतापुर कोविड केयर सेंटर में बेड नहीं होने की वजह से नर्मदापुर स्थित कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया। भर्ती के दौरान मरीज को सांस लेने में तकलीफ तथा बेहोशी की हालत में थी। प्रारंभिक जांच में उनका आक्सीजन लेवल 52, बीपी 160-110 तथा एचबी छह ग्राम पाया गया। झुनी बाई को तत्काल आक्सीजन सपोर्ट में डाक्टरों की निगरानी में रखा गया। डा. भगत ने बताया कि केयर सेंटर में बेहतर इलाज तथा नियमित दवा के द्वारा लगातार 16 दिनों के भर्ती उपचार के द्वारा उनका स्वास्थ्य में सुधार हो गया। धैर्य का महत्व समझते हुए उन्होंने उपचार कराया, जिसके कारण उन्हें उपचार के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हुई और अब वे पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी हैं। उन्हें 31 मई को डिस्चार्ज कर दिया गया है। झुनीबाई ने सभी...