Wednesday, June 16, 2021
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बुजुर्ग की दाढ़ी : मामला साम्प्रदायिक नहीं, ताबीज का असर न...

लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में बुलंदशहर के बुजुर्ग सूफी अब्दुल समद को बंधक बनाकर यातनाएं देने व दाढ़ी काटने के मामले में नया मोड़ आया है। घटना को अंजाम देने वाले आरोपी ऑटो सवार अज्ञात नहीं, बल्कि बुजुर्ग के ही जानकार थे। पुलिस के मुताबिक अब्दुल समद तंत्र-मंत्र और ताबीज बनाने का काम करते हैं। बंथला निवासी मुख्य आरोपी प्रवेश गुर्जर ने काम-धंधे को लेकर उनसे ताबीज बनवाया था। काम धंधा नहीं चला, लेकिन पत्नी का गर्भपात हो गया। प्रवेश ने बदला लेने के लिए बुजुर्ग के साथ घटना को अंजाम दिया। प्रवेश के दस साथी भी घटना में शामिल थे। मुख्य आरोपी रंगदारी के मामले में जेल में है। दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सीओ लोनी अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि बुलंदशहर के अनूपशहर निवासी सूफी अब्दुल समद के साथ मारपीट व दाढ़ी काटने की घटना में शामिल बेहटा हाजीपुर कॉलोनी निवासी आदिल खान व सरल कुंज कॉलोनी निवासी कल्लू गुर्जर को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी प्रवेश गुर्जर पहले ही रंगदारी मांगने के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस की जांच में आरिफ, आदिल, मुशाहिद, कल्लू, पोली समेत अन्य लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं। प्रवेश को पुलिस कस्टडी...

जानें- गलवन घाटी में 15-16 जून की रात क्‍या हुआ था,...

नई दिल्‍ली (ऑनलाइन डेस्‍क)। लद्दाख की गलवन घाटी का जिक्र आते ही सभी को 15-16 जून की वो रात याद आ जाती है जब भारतीय जवानों ने चीन की पीएलए के जवानों को धूल चटाई थी। वर्षों बाद पहली बार इस इलाके में इस तरह की ये पहली घटना थी। इस दिन चीन के सैनिकों को उनका ही हिंसक होना भारी पड़ गया था। आलम ये था कि खुद को एशिया का सबसे ताकतवर समझने वाला चीन इस घटना के बाद बुरी तरह से तिलमिला कर रह गया था। इसकी वजह थी इसमें उसके जवानों का मारा जाना। वो इस घटना को भले ही खुलकर बताने में हिचकिचाता रहा, लेकिन चीन के ही कुछ लोगों ने उसकी पोल खोल दी थी। हालांकि, ऐसे लोगों को इसकी सजा के तौर पर जेल की सलाखों के पीछे भी डाला गया। इसका ताजा उदाहरण चीन के एक ने अपने एक चर्चित ब्‍लॉगर क्‍यू जिमिंग को मिली आठ महीने की सजा है। क्‍यू का कसूर था कि उसने इस झड़प में मारे गए चीनी जवानों की जानकारी उजागर की थी और साथ ही जवानों पर कमेंट पास किया था। आपको बता दें कि क्‍यू के पूरी दुनिया में 25 लाख...

गलवान घाटी में हिमाकत कर चीन ने खुद को ही पहुंचाया...

पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन ने पिछले साल अप्रैल महीने से ही सीमा विवाद शुरू कर दिया था. इसके बाद 15 जून को पूरे मामले ने तब हिंसक रूप ले लिया, जब गलवान घाटी में भारत और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (ड्रैगन की सेना) आमने-सामने की स्थिति में आ गई थी. इस हिंसक टकराव में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे, जबकि चीन के भी कई जवान मारे गए. एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी पूर्वी लद्दाख के कुछ प्वाइंट्स पर स्थिति जस-की-तस बनी हुई है. हालांकि, इस एक साल में भारतीय सेना और वायुसेना ने अपनी ताकत को कई गुना बढ़ा लिया है और चीन की किसी भी नापाक हरकत से निपटने के लिए पूरी तरह से बॉर्डर पर मुस्तैद है. 15 जून, 2020 को चीनी सेना ने गलवान घाटी में हिंसक झड़प करके खुद का अधिक नुकसान कर लिया. जहां भारतीय सेना ने लद्दाख सेक्टर में अपनी उपस्थिति मजबूत कर ली है, वहीं राफेल लड़ाकू विमानों को अपने बेड़े में शामिल करके भारतीय वायु सेना पहले से अधिक ताकतवर हो गई है. इंफ्रास्ट्रक्चर

COVID-19 वैक्सीन सर्टिफिकेट में गलत हो गया है नाम, लिंग, जन्मतिथि?...

एक बार जब आप COVID-19 वैक्सीन लगवा लेते हैं, चाहे वह कोविशील्ड, कोवैक्सिन या स्पुतनिक हो, इसके बाद का कदम CoWIN पोर्टल पर जाना और वैक्सीन सर्टिफिकेट डाउनलोड करना है. यह सर्टिफिकेट जल्द ही यात्रा के लिए अनिवार्य हो सकता है, जिससे सर्टिफिकेट के बारे में आपकी जानकारी सही होना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. ऐसे में जरूरी सवाल ये है कि क्या आपने अपना टीका सर्टिफिकेट डाउनलोड कर लिया है? क्या इसमें आपका नाम गलत लिखा है? या लिंग या जन्मतिथि गलत हो गई है? परेशान होने की बात नहीं है इन स्थितियों में आप केवल https://www.cowin.gov.in/ पर CoWIN पोर्टल पर जाकर इन गलतियों को ठीक कर सकते हैं. जानिए इसका तरीका क्या है… अपना COVID-19 वैक्सीन डिटेल बदलें CoWIN ने आपके वैक्सीन सर्टिफिकेट में गलती को सुधारने के लिए एक ऑप्शन जोड़ा है. इस फीचर को “raise an issue” कहा जाता है. आरोग्य सेतु ने ट्विटर पर कहा, “अब आप अपने काउइन वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में अपने नाम, बर्थ ईयर और जेंडर में सुधार कर सकते हैं यदि अनजाने में गलतियां आ गई हैं. नए लॉन्च किए गए फीचर का इस्तेमाल करें. नए फीचर...

Maharana Pratap Jayanti 2021: महाराणा प्रताप को मेवाड़ के बदले आधा...

Maharana Pratap Jayanti 2021: अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को कुंभलगढ़ में हुआ था। जबकि हिंदी पंचांग के अनुसार महाराणा प्रताप का जन्म विक्रम संवत 1597 की ज्येष्ठ मास, शुक्लपक्ष की तृतीया को हुआ। इस साल यह तिथि 13 जून 2021 को पड़ रही है। महाराणा के पिता का नाम उदयप्रताप सिंह और माता का नाम महारानी जयवंती बाई था। जयवंती महाराणा की मां होने के साथ उनकी गुरू भी थी। उन्होंने अपने बेटे में शौर्य और साहत विकसित किया। महाराणा प्रताप की बहादुरी के कई किस्से हैं। आइए आज उनके जीवन से जुड़ी कुछ शौर्य गाथाओं पर नजर डालते हैं। आधा हिंदुस्तान देने को तैयार था अकबर अकबर दिल्ली में शासन कर रहे थे। तब उनके लिए मेवाड़ बेहद महत्वपूर्ण था। पश्चिम इलाके से व्यापार करने के लिए अकबर को मेवाड़ से होकर गुजरना पड़ता था। इस काम के लिए मेवाड़ को जीतना जरूरी था। महाराणा प्रताप के होते हुए मेवाड़ को जीतना आसान नहीं था। अकबर ने बाकी हिस्सों में राजाओं की कमजोरियों का फायदा उठाकर बड़ी आसानी से कब्जा कर लिया था। लेकिन प्रताप के सामने उसकी की नीति फेल हो गई। महाराणा...

Pakistan यूनाइटेड नेशंस में फिर एक बार शर्मसार, कश्मीर मुद्दे पर...

दुनिया में कथित इस्लामोफोबिया के नाम पर आतंकवाद को प्रोत्साहन देने वाली हरकतों पर भारत ने पाकिस्तान को न केवल खरी-खरी सुनाई बल्कि पाकिस्तान को दुनिया भर के सामने एक बार फिर से बेनकाब कर दिया है। पाकिस्तान ने फिलिस्तीन का बहाना लेकर कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र में फिर वही पुराना राग अलापा था। भारत ने कहा कि पाकिस्तान से केवल एक ही अपेक्षा है कि वो एक सामान्य पड़ोसी की तरह व्यवहार करे। बातचीत शुरू करने के लिए पाकिस्तान को ही आतंकमुक्त वातावरण बनाना होगा। पाकिस्तान को इस मुद्दे को बार-बार उठाने पर तुर्की के अलावा किसी और देश का समर्थन न मिलने से साफ हो गया है कि पाकिस्तान के झांसे में अब दुनिया नहीं आने वाली है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के सलाहकार आर मधु सूदन ने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है। हमारा लगातार यह पक्ष रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी मुद्दे को आतंकवाद से मुक्त माहौल में द्विपक्षीय और शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की महासभा में वार्षिक रिपोर्ट पर एक बहस के दौरान भारत ने शुक्रवार...

राजमार्ग मंत्रालय: अब बिना टेस्ट दिए भी बन सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस,...

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को मान्यता प्राप्त ड्राइवर ट्रेनिंग केंद्रों के लिए नियम अधिसूचित किए। इन केंद्रों पर लोगों को उच्च गुणवत्तापूर्ण ड्राइविंग ट्रेनिंग दी जाएगी। टेस्ट में सफल लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय फिर से ड्राइविंग टेस्ट नहीं देना होगा। उन्हें ड्राइविंग टेस्ट से छूट मिलेगी। मंत्रालय ने कहा कि इन केंद्र पर ट्रेनिंग की तमाम सुविधाओं के साथ ही ड्राइविंग परीक्षण ट्रैक होगा, जिससे अभ्यर्थियों को उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सकेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि मोटर वाहन कानून, 1988 के तहत इन केंद्रों पर 'रेमिडियल' और 'रिफ्रेशर' पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्रालय ने मान्यता प्राप्त चालक प्रशिक्षण केंद्रों के लिए अनिवार्य नियम अधिसूचित कर दिए हैं। ये नियम एक जुलाई, 2021 से लागू होंगे। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस प्रकार के मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केन्द्रों से वाहन चलाने का प्रशिक्षण पाने के बाद चालकों को ड्राइविंग लाइसेंस पाने में मदद मिलेगी।

कुलभूषण जाधव के मामले पर झुका पाकिस्तान, सजा के खिलाफ हाईकोर्ट...

पाकिस्तानी ने कुलभूषण जाधव को अपील का अधिकार देने वाले एक विधेयक को पास कर दिया है. ICJ ने 2019 में दिए एक फैसले में कहा था कि पाकिस्तान को जाधव की सजा की 'प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार' करना चाहिए. पाकिस्तान नेशनल असेंबली ने गुरुवार को इंटरनेशनल कोर्ट (समीक्षा और पुर्नविचार) अध्यादेश 2020 को मंजूरी दे दी है. इस अध्यादेश के बाद अब पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को सजा के खिलाफ किसी भी हाईकोर्ट में अपील करने का अधिकार मिल गया है. इमरान खान सरकार द्वारा इंटरनेशनल कोर्ट के फैसले को प्रभावी बनाने में 'समीक्षा और पुनर्विचार' के अधिकार को प्रदान करने के लिए नेशनल असेंबली में बिल पेश किया गया था. इस "इंटरनेशनल कोर्ट (समीक्षा और पुनर्विचार) अध्यादेश, 2020" को स्वीकृति मिल गई है. इंटरनेशनल कोर्ट (ICJ) ने जुलाई 2019 में दिए एक फैसले में कहा था कि पाकिस्तान को जाधव की सजा की 'प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार' करना चाहिए. साथ ही और कोई देरी किए बिना भारत को राजनयिक पहुंच प्रदान करनी चाहिए. वहीं, भारत इस मामले में स्वतंत्र और न्यायपूर्ण सुनवाई के लिए भारतीय वकील की नियुक्ति की मांग करता रहा,...

दूसरे बैंक के एटीएम से पैसा निकालना पड़ेगा महंगा, आरबीआई ने...

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को एटीएम के जरिये होने वाले हर वित्तीरय लेनदेन पर इंटरचेंज फीस को 15 रुपये से बढ़ाकर 17 रुपये करने का ऐलान किया। एटीएम निकासी शुल्क की गई बढ़ोतरी 1 जनवरी 2022 से लागू होगी। यानी नए साल के पहली तारीख से आपको अधिक शुल्क का भुगतान करना होगा। इसी के साथ आरबीआई ने किसी भी बैंक के ग्राहकों को हर महीने मिलने वाले मुफ्त एटीएम निकासी के बाद ग्राहकों पर लगने वाले शुल्क की अधिकतम सीमा) 20 रुपये से बढ़ाकर 21 रुपये करने का भी ऐलान किया है। बैंक ग्राहकों को हर महीने एटीएम से 5 बार मुफ्त नकद निकासी की सुविधा अभी देते हैं। रिजर्व बैंक ने कहा है कि पिछली बार अगस्त 2012 में एटीएम इंटरचेंज फीस में बदलाव किया गया था। वहीं, ग्राहकों पर लागू शुल्क में अगस्त 2014 में संशोधन किया गया था। ऐसे में समिति की सिफारिशों की पड़ताल के बाद इंटरचेंज फीस और कस्टमर शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया गया है। आरबीआई ने बताया कि बैंकों व एटीएम ऑपरेटर्स पर पड़ने वाली एटीएम डिप्लॉ यमेंट लागत और रखरखाव खर्च के साथ सभी हितधारकों व उपभोक्ता।ओं की सहूलियत को...

ट्रेन को चलाने में स्टेशन मास्टर का क्या रोल होता है?...

भारतीय रेलवे के अंतर्गत आने वाले सभी छोटे-बड़े रेलवे स्टेशन की देखरेख के लिए एक स्टेशन मास्टर नियुक्त किया जाता है. स्टेशन मास्टर की पोस्टिंग किसी रेलवे स्टेशन पर ही होती है और रेलवे स्टेशन परिसर में ही उसका दफ्तर भी होता है. किसी भी रेलवे स्टेशन पर तैनात स्टेशन मास्टर के कई महत्वपूर्ण काम होते हैं. रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली सभी सुविधाएं एक स्टेशन मास्टर की प्लान करता है. आज हम यहां एक स्टेशन मास्टर के प्रमुख काम और उनकी सैलरी के बारे में जानेंगे. स्टेशन मास्टर के प्रमुख काम और जिम्मेदारियां स्टेशन मास्टर को एक रेलवे स्टेशन का प्रमुख भी कहा जाता है. लिहाजा, एक स्टेशन पर आने वाली और वहां से गुजरने वाली सभी ट्रेनों के संचालन में स्टेशन मास्टर की अहम भूमिका होती है.स्टेशन मास्टर को अपनी ड्यूटी के दौरान एक-एक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी पड़ती है. स्टेशन मास्टर की एक छोटी-सी चूक बड़े हादसे का कारण भी बन सकती है.एक रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले सभी कर्मचारियों से जुड़ी जिम्मेदारी स्टेशन मास्टर की होती है.भारतीय रेलवे के नियमों को ध्यान में रखकर किसी भी रेलवे स्टेशन पर कोई काम कराने की...