Conjunctivitis: CG में हर तीसरा व्यक्ति पिंक आई फ्लू से प्रभावित, दुर्ग शहर में एक सप्ताह में मिले 762 मरीज

छ्त्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई शहर में आंखों का संक्रमण पिंक आई फ्लू या कंजक्टिवाइटिस (conjunctivitis) तेजी से फैल रहा है. हर तीसरा चौथा व्यक्ति कंजक्टिवाइटिस संक्रमण का शिकार नजर आ रहा है. बच्चों में यह संक्रमण ज्यादा असर दिखा रहा है. अस्पताल में भी इस वायरस के इलाज के लिए भीड़ बढ़ने लगी है. हालांकि डॉक्टर कह रहे हैं कि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, दो से तीन दिन बाद अपने आप इसका असर कम होने लगता है. दुर्ग जिले में बीते 16 जुलाई से 23 जुलाई तक 762 मरीज पाए गए हैं. भिलाई के जुनवानी समेत आसपास के इलाकों में यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है.

बता दें कि बारिश के दिनों में कई तरह की बीमारी फैल रही है. सुपेला अस्पताल में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. जून में जहां रोजाना 200-300 तक मरीज आते थे, वहीं जुलाई में संख्या बढ़कर 400 के आसपास पहुंच गई है. इसके अलावा श्रमिक बस्तियों में ऐसे लोग भी है जो संक्रमण का शिकार तो हैं पर वह लोग अस्पताल पहुंचने के बजाए सीधे मेडिकल स्टोर से लेकर दवा खा लेते हैं. इसलिए सही आंकड़ा पता नहीं चल पाता है.

इन दिनों जिले में वायरल फीवर के साथ साथ आंख के संक्रमण यानी कंजक्टिवाइटिस की बीमारी भी तेजी से फैल रही है. जिला स्वास्थ्य महकमें के आंकड़ों के मुताबिक जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में इस संक्रमण से प्रभावित लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. 16 जुलाई से लेकर 23 जुलाई तक संक्रमण के 762 मरीज विभिन्न सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच चुके हैं.

इधर बिलासपुर शहर समेत पूरे जिले में पिछले दो दिनों में आई फ्लू के 500 से ज्यादा मरीज मिल चुके है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों में अलर्ट जारी किया है. शहर में रोजाना 40 से 50 केस सामने आ रहे हैं. बढ़ते मामलों को देखते हुए CMHO डॉ राजेश शुक्ला ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करने के साथ ही मरीजों में आई ड्रॉप का वितरण करने के लिए कहा है. वहीं इस बीमारी से बचने के लिए लोगों को सावधानी बरतने और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया जा रहा है. इधर, स्कूली बच्चों में संक्रमण न फैले इसके लिए प्राइवेट स्कूल प्रबंधन ने पीड़ित बच्चों को स्कूल नहीं भेजने की हिदायत दी है.

यह बरतें सावधानी

•आंखों में खुजली या हल्की लालिमा दिखने पर खुद से इलाज न करें. डॉक्टर को दिखाकर दवा लें.

•बीमारी परिवार में कई सदस्यों को है तो वो एक दूसरे की दवा को ही यूज कर ले रहे हैं. तो ऐसा बिल्कुल न करें. सभी लोग डॉक्टर से प्रॉपर जांच कराएं. इससे इंफेक्शन और बढ़ने का खतरा रहता है.

•कंजक्टिवाइटिस की बीमारी होने पर साफ सफाई की विशेष ध्यान रखे. आखों को थोड़ी-थोड़ी देर में साफ पानी से धोते रहें. साफ कपड़े का इस्तेमाल करें. गंदे हांथ से आंखों को न छुएं.

•कंजक्टिवाइटिस होने पर एक दूसरे थे दूरी बनाकर रखें. साथ ही आखों में काला चश्मा लगाकर रखें.

कंजक्टिवाइटिस आंखों में होने वाली बीमारी है. भीड़-भाड़ वाले इलाके में यह बीमारी तेजी से फैलती है. इसलिए कंजक्टिवाइटिस का संक्रमण होने पर लोगों को सतर्क रहने की जरुरत है. कंजक्टिवाइटिस का संक्रमण होने पर आंखों में जलन, खुजली, कीचड़ आना जैसे लक्ष्ण दिखाई देता हैं. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकों की सलाह लेनी चाहिए.

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