4 अगस्त तक जेल में रहेंगी IAS रानू साहू, ED ने नहीं मांगी रिमांड, कोल लेवी स्कैम मामले में हुई थी गिरफ्तारी

कोल लेवी स्कैम मामले में गिरफ्तार IAS रानू साहू अब 4 अगस्त तक जेल में रहेंगी. उन्हें मंगलवार को रायपुर में विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की कोर्ट में पेश किया गया था. इस दौरान कोर्ट में ED ने कहा कि हमारी पूछताछ पूरी हो गई है. हमें और रिमांड नहीं चाहिए. जिसके बाद सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साहू को सीधे ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया है.

शनिवार को रानू साहू को अरेस्ट किया गया था. इसके बाद उन्हें उसी दिन कोर्ट में पेश किया गया था, जहां कोर्ट ने 25 जुलाई तक ED को रिमांड दी थी. हालांकि ED ने कोर्ट से 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने 3 दिन की रिमांड ही दी थी.

रानू साहू छत्तीसगढ़ की दूसरी आईएएस आफिसर हैं, जिन्हें ED ने गिरफ्तार किया है. इससे पहले IAS समीर बिश्नोई को भी ED ने गिरफ्तार किया था, जो अभी रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं.

शुक्रवार देर रात तक रानू साहू के देवेंद्र नगर स्थित सरकारी आवास में टीम ने छापेमारी की थी. इसमें मिले अहम सबूतों के मुताबिक रानू साहू करोड़ों रुपए के हेर-फेर में शामिल थीं, फिलहाल मामले की जांच जारी है. रानू साहू इस समय कृषि विभाग में संचालक के पद पर पदस्थ हैं. इससे पहले रानू रायगढ़ जिले की कलेक्टर रह चुकी हैं. ED ने शुक्रवार को ही कुछ अन्य कारोबारियों और नेताओं के यहां भी दबिश दी थी.

इससे पहले ED के वकील सौरभ पांडे ने कहा था कि कोल लेवी स्कैम में उनकी गिरफ्तारी की गई है. उनसे पहले भी पूछताछ होती रही है, लेकिन उन्होंने कभी सहयोग नहीं किया. हर बात में डोजिंग आंसर दिया. विटनेस और डॉक्यूमेंट के वैरिफिकेशन के लिए उनसे पूछताछ की जानी थी, लेकिन हर बार यही कहा कि कुछ नहीं मालूम है.

ED के वकील सौरभ पांडेय ने बताया था कि रानू साहू की प्रॉपर्टी को तीन भागों में बांटा गया है A, B और C. A में वो संपत्तियां हैं, जिसके जरिए रिश्तेदारों के नाम से संपत्ति खरीदी गई. B में वे संपत्तियां हैं, जो बेनामी हैं. C में वो प्रॉपर्टी है, जिसमें वैल्यू नहीं बताई जा सकी है, उसे मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत सीज कर सकते हैं.

पिछले साल ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और कोल अवैध वसूली मामले में रानू साहू के कलेक्टर रहते हुए छापेमारी कार्रवाई की थी. रानू साहू के मायके में ED के अधिकारियों ने दबिश दी थी. साहू के गांव पाण्डुका, गरियाबंद जिले में छापा पड़ा था. साहू के परिजन राजनीति से जुड़े हैं. जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी साहू और कांग्रेस नेता शैलेंद्र साहू के घर टीम घुसी थी. लक्ष्मी साहू कलेक्टर रानू साहू की मां हैं. वहीं शैलेंद्र साहू उनके चचेरे भाई हैं. मैनपुर में एक 12 एकड़ के तालाब के भी इस परिवार के नाम होने की जानकारी सामने आई थी, क्योंकि इसकी प्रारंभिक रजिस्ट्री में परिवार का नाम था.

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