इस बार नहीं बढ़ी इंजीनियरिंग की सीटें, ना खुलेंगे नए फार्मेसी के कॉलेज, NOC के चलते मामला अटका

राज्य में इस बार इंजीनियरिंग की सीटें नहीं बढ़ेगी. ना ही फार्मेसी के नए कॉलेज खुलेंगे. NOC के चक्कर में मामला फंस गया है. दरअसल, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन (एआईसीटीई) से इंजीनियरिंग की नई सीटों के लिए अप्रूवल मिला था. इसे लेकर संभावना बनी थी कि इस बार इंजीनियरिंग की करीब 500 सीटें बढ़ेंगी.

इसी तरह फार्मेसी के करीब 28 कॉलेजों शुरू होने की संभावना थी. लेकिन दोनों मामले में तकनीकी शिक्षा से अनुमति नहीं मिली. इसलिए पिछली बार इंजीनियरिंग की जो सीटें थी, वह इस बार भी रहेंगी. जानकारों ने बताया कि इंजीनियरिंग समेत अन्य तकनीकी कोर्स के लिए संबद्धता तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई देता है. इस बार संबद्धता देने के लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई थी. उक्त तारीख तक तकनीकी विश्वविद्यालय को NOC नहीं मिली. इसलिए विश्वविद्यालय ने पिछली बार जितनी सीटें थी उसकी ही संबद्धता दी.

राज्य में करीब 50 फार्मेसी कॉलेज हैं. इन कॉलेजों में पिछली बार बी.फार्मा की 3497 और डी.फार्मा की 2741 सीटों के लिए काउंसिलिंग हुई थी. इस बार भी दोनों कोर्स को मिलाकर 6238 सीटें ही रहेंगी. इस बार 28 नए फार्मेसी कॉलेज शुरू करने की तैयारी की गई थी. इसके लिए तकनीकी शिक्षा को प्रस्ताव भी गया था. लेकिन वहां से NOC नहीं दी गई. इसलिए इस बार नए कॉलेज शुरू नहीं होंगे. इन कॉलेजों के शुरू होने से बी.फार्मा व डी.फार्मा की करीब 3 हजार सीटें बढ़ती तो इसका फायदा छात्रों को मिलता.

पिछले कुछ वर्षों से इंजीनियरिंग में कंप्यूटर साइंस का क्रेज है. इसे लेकर इस बार कई कॉलेजों ने कंप्यूटर साइंस व उससे संबधित ब्रांच में सीटें बढ़ोत्तरी की तैयारी की थी. इन सीटों की अनुमति मिलने के बाद ज्यादा छात्रों को इस ब्रांच में प्रवेश का अवसर मिलता. पिछली बार दो राउंड की काउंसिलिंग में ही कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग), कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (बिग डाटा एनालिसिस), डाटा साइंस की 80% से ज्यादा सीटें भर गईं थी.

राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग 15 अगस्त से पहले शुरू होगी. प्री इंजीनियरिंग टेस्ट के नतीजे इसी सप्ताह जारी होंगे. इसके जारी होने के कुछ दिन के बाद ही काउंसिलिंग का शिड्यूल जारी कर दिया जाएगा. इस बार इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए पहले PET के आधार पर छत्तीसगढ़ के छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा. इसके बाद खाली सीटों में JEE मेन देने वाले छत्तीसगढ़ के छात्रों को प्रवेश का अवसर मिलेगा. फिर PET देने वाले दूसरे राज्य के छात्रों का प्रवेश होगा.

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